डीएलसीसी की बैठक में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने पर दिया गया जोर

बैठक

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में बैंकवार समीक्षा की, विभागीय योजनांतर्गत स्वीकृत ़ऋण राशि को शीघ्रता से वितरण करने के निर्देश

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धमतरी। माह दिसम्बर 2019 समाप्त तिमाही की जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डी.एल.सी.सी.) की बैठक शुक्रवार 14 फरवरी को जिला कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में शाम को आयोजित की गई, जिसमें में धमतरी जिले में कार्यरत विभिन्न बैंक शाखाओं की बैंकिंग आंकड़ों की समीक्षा की गई। इस दौरान बैंकों में कुल जमा 3256 करोड़ 92 लाख रूपए के विरूद्ध सभी बैंकों के द्वारा दिए गए कुल ऋण 1627 करोड़ 65 लाख रूपए रहा। इस तरह जिले के बैकों का ऋण जमा अनुपात 49.97 प्रतिशत रहा जो कि राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत से कम है। इस पर ंअग्रणी जिला प्रबंधक अमित रंजन द्वारा सभी बैंकों को ऋण वितरण बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि कुल प्राथमिकता क्षेत्र में बैंकों द्वारा राष्ट्रीय लक्ष्य 40 प्रतिशत के विरूद्ध 68.43 प्रतिशत, कृषि ऋण में राष्ट्रीय लक्ष्य 18 प्रतिशत के विरूद्ध 35.06 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हुई है। इसी तरह लघु उद्योग क्षेत्र में 17.82 प्रतिशत कमजोर क्षेत्र में 16.82 प्रतिशत, अल्पसंख्यक समुदाय को 3.50 प्रतिशत ऋण वितरित किया गया है। बैठक में जानकारी देते हुए बताया गया कि जिला साख योजना वर्ष 2019-20 के दिसम्बर 2019 समाप्त तिमाही में फसल ऋण का लक्ष्य 501.38 करोड़ रूपए के विरूद्ध 366.23 करोड़ रूपए यानी 73 प्रतिशत है, जिसमें कुल कृषि ऋण का लक्ष्य 683.09 करोड़ रूपए के विरूद्ध 525.25 करोड़ रूपए (77 प्रतिशत) के लक्ष्य को हासिल किया गया।

जिले में प्रधानमंत्री मुद्रा योजनांतर्गत लक्ष्य शिशु, किशोर एवं तरूण में कुल लक्ष्य 17301 है जिसमें बैंक शाखाओं द्वारा 16 हजार 626 हितग्राहियों को कुल 111 करोड़ 38 लाख का ऋण वितरण किया गया है। कलेक्टर रजत बंसल के निर्देशानुसार सभी बैंक शाखा प्रबंधक को फरवरी माहांत तक निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत ऋण वितरण करने के निर्देश दिए। शासन द्वारा प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन.आर.एल.एम.) के तहत 1470 समूहों को ऋण वितरण का लक्ष्य है जिसमें कुल 1170 समूहों को बैंकों द्वारा ऋण वितरण 15 करोड़ 70 लाख का ऋण वितरण किया गया है। शेष लम्बित एवं स्वीकृत ऋण प्रकरणों में शीघ्र वितरण करने कहा गया एवं साथ ही स्वीकृत प्रकरणों का वितरण आगामी 29 फरवरी तक सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके अलावा शहरी आजीविका मिशन के तहत व्यक्तिगत ़ऋण प्रकरणों का निबटारा अधिक से अधिक हितग्राहियों का ऋण स्वीकृत एवं वितरण करने के लिए कहा। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने ऐसे स्वीकृत प्रकरण जिनका वितरण होना शेष है, फरवरी माह में ही पूर्ण करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लंबित प्रकरणों को भी प्राथमिकता से निराकृत करने के लिए अनुरोध किया। इसी तरह बैठक में अंत्योदय स्वरोजगार योजना तथा आदिवासी स्वरोजगार योजना के लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निबटारा करने के लिए कहा गया।

बैठक में कलेक्टर के निर्देशानुसार लीड बैंक मैनेजर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत लाभार्थी कृषकों को केसीसी दायरे में लाने हेतु विशेष रूप से अभियान चलाने तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर जिले के अधिकाधिक पात्र किसानों को लाभान्वित करने के लिए कहा। बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय उपप्रबंधक अरविंद काटकर ने भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के द्वारा जिले की शाखाओं में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केसीसी उपलब्ध कराने के लिए कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान नाबार्ड के जिला विकास अधिकारी देवेश परमार ने जिले का पीएलपी-2020-21 का प्रस्तुतिकरण किया। इस अवसर पर नाबार्ड तथा भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी तथा बैंक के अधिकारी उपस्थित रहे।

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