19 लाख के छह ईनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण 0 समर्पितों में दो महिलाएं, कमांडर एवं डिप्टी कमांडर

जगदलपुर। शासन तथा प्रशासन के द्वारा चलाये जा रही पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर कमांडर और डिप्टी कमांडर समेत 19 लाख के 6 नक्सलियों ने बीजापुर जिला मुख्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है। जिसमें 8 लाख रुपयों के इनामी सहित 2 महिला नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सभी आत्मसमर्पित नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रह चुके हैं। सभी ईनामी नक्सलियों ने बीजापुर एसपी दिव्यांग पटेल और सीआरपीएफ 170 बटालियन के कमांडेंट आलोक भट्टाचार्य के समक्ष समर्पण किया है।

समर्पित नक्सलियों की जानकारी निम्रानुसार है – 
1- दिलीप वड्डे उर्फ चिन्ना उर्फ वड्डे चिन्ना उर्फ दिलीप चिन्ना, संगठन में पद कम्पनी नं. 01 के प्लाटून 02 का प्लाटून कमांडर, शासन द्वारा पद पर 08 लाख रूपये।
संगठन में भर्ती – वर्ष 2002 से 2007 तक प्लाटून सदस्य के रूप में काम किया बाद वर्ष 2007 से 2011 तक कंपनी 1 का प्लाटून 2 का सेक्शन कमांडर के रूप में काम किया। वर्ष 2011 से अब तक प्लाटून नं 2 का प्लाटून कमांडर के रूप में कार्य कर रहा था।

वर्ष 2003 में गीदम थाना लूटने की घटना में शामिल था, वर्ष 2003 में कोरापुट उड़ीसा पुलिस लाईन को लुटने की घटना में शामिल था, वर्ष 2005 में धौड़ाई थाना जिला नारायणपुर में लुटने की घटना में शमिल था, वर्ष 2007 मे झाराघाटी जिला नारायणपुर की घटना में शामिल था, वर्ष 2007-08 में कुदूर घाटी जिला नारायणपुर की घटना में शामिल था, वर्ष 2008-09 के सुलेंगा जिला नारायणपुर मध्य एम्बुश की घटना में शामिल, वर्ष 2008-09 के बीच मुंगपल्ली नारायणपुर एम्बुश की घटना में शामिल था, वर्ष 2010 तक कोगेंरा जिला नारायणपुर गांव की पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल था, वर्ष 2015 में गुडरापारा जिला नारायणपुर में पुलिस -नक्सली मुठभेड़ मेंं शामिल था, वर्ष 2016 में अबुझमाड़ पीटेकल में हुये मुठभेड़ में दाहिने हाथ की कलाई में गोली लगा था, वर्ष 2016 में बासिन कैम्प जिला नारायणपुर में फायरिंग हुआ, देशी बम से हमले में शामिल था, वर्ष 2016 में मेडमामेंटटा जिला नारायणपुर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ व एम्बुश की घटना में शामिल था ।

2-मडक़म बण्डी उर्फ बण्डू, संगठन में पद कम्पनी नं. 01 का ‘बी’ डिप्टी सेक्शन कमांडर, शासन द्वारा पद पर 03 लाख रूपये ईनाम।
संगठन में भर्ती – वर्ष 2010 में बोडकेल एरिया कमेटी के मल्ले द्वारा संगठन में भर्ती किया गया। वर्ष 2010 से 2012 तक कम्पनी सदस्य व 2013 से 2018 तक कंपनी के बी सेक्शन का डिप्टी सेक्शन कमांडर के रूप में कार्य कर रहा था।

वर्ष 2010 में चितंलनार, तिपुरम की घटना में शामिल था, वर्ष 2016 में बासिन कैम्प नारायणपुर में देशी लांचर फेकने की घटना में शामिल था, वर्ष 2017 में आकाबेड़ा कैम्प नारायणपुर में देशी लांचर फेकने की घटना में शामिल था, वर्ष 2018 में इरपानार की घटना में शामिल था ।

3-सनकी वड्डे उर्फ सुजाता उर्फ सम्मी, संगठन में पद कंपनी नं. 1 के प्लाटून नं. 02 की सदस्या। शासन द्वारा पद पर 02 लाख रूपये ईनाम।
संगठन में भर्ती – वर्ष 2008 में कमांडर हरिराम के द्वारा संगठन में भर्ती किया गया। संगठन में वर्ष 2008 से अबतक कंपनी नं. 01 का प्लाटून नं. 02 के सदस्य के रूप में काम कर रही थी।

घटना में शामिल – वर्ष 2009 में कोंगेरा एम्बुश (अबुझमाड़ क्षेत्र) की घटना में शामिल थी,वर्ष 2009 में रिसगांव एम्बुश जिला धमतरी की घटना में शामिल थी, वर्ष 2015 में बासीन (जिला नारायणपुर) कैम्प अटैक की घटना में शामिल थी।

4- बुदरी उसेण्डी, कुतुल एलओएस सदस्या, घोषित ईनाम – छ.ग. शासन द्वारा 01 लाख।

संगठन में भर्ती – वर्ष 2016 में आदेड़ एरिया कमेटी के कमांडर दीपक मुहन्दा के द्वारा संगठन में भर्ती किया गया। जिसमें वर्ष 2016 से अबतक डीव्हीसी रनीता की गार्ड थी।
05- महेश वासम, सीएनएम सदस्य, संगठन में भर्ती वर्ष 2017 में पाली कुरसम के द्वारा भर्ती कराया गया। वर्ष 2017 से अबतक सीएनएम सदस्य के रूप में कार्य कर रहा था। महेश वर्ष 2017 में बारेगुड़ा चौक में विश्वनाथ बस को जलाने की घटना में शामिल रहा है।

06. विनोद मेट्टा, सीएनएम सदस्य, संगठन में भर्ती वर्ष 2011 में डीएकेएमएस अध्यक्ष मट्टीमरका सुरेश के द्वारा
उपरोक्त माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण करने पर उन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन द्वारा देय प्रोत्साहन राशि 10,000-10,000 हजार रूपये (दस-दस हजार रूपये) प्रत्येक को नगद प्रदाय किया गया। इन्हें शासन की पुनर्वास नीति के तहत और अन्य सुविधा एवं लाभ दिया जायेगा।

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