रतनपुर। जमीन अधिग्रहण के 10 साल बाद भी नहीं मिला तेंदू भाटा के किसानों को मुआवजा

रविठाकुर आपकिआवजरतनपुर–

कोटा विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत तेंदु भाठा के किसानों को जमीन अधिग्रहण के दस वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं मिला है।किसान मुआवजा राशि की मांग लेने एड़ी चोटी एक कर उच्च अधिकारियों के पास आवेदन करते थक चुके है।फिर भी आज तक किसानों की समस्या का निराकरण नहीं हो सका।इससे किसानों में शासन व प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी देखी जा रही है।समीपस्थ ग्राम पंचायत तेंदुभाठा के आश्रित ग्राम तेंदूभाठा में लगभग 12 वर्ष पूर्व रैनकोटा जलाशय का निर्माण कार्य किया गया।जलाशय के निर्माण कार्य के दौरान नहर निर्माण करने के लिए गाँव के 32 किसानों की कृषि योग्य जमीन अधिग्रहण किया गया ।अधिकृत अधिकारी जल संसाधन संभाग पेडा रोड द्वारा जमीन अधिग्रहण करने के पश्चातअनुविभागीय अधिकारी रा.भू.अर्जन अधिकारी कोटा द्वारा धारा 05 और धारा 09 भू अर्जन अधिनियम1984 अंतर्गत दिनांक 15 सितम्बर 2010 को मुआवजा राशि लेने के लिए किसानों को दावा आपत्ति की नोटिस जारी किया गया।जिसका किसानों ने 15 फरवरी 2011 को उपस्थित होकर मुआवजा राशि लेने नोटिस का जवाब प्रस्तुत कर प्रक्रिया पूरा कर दिया गया था।बावजूद इसके रैन कोटा जलाशय के नहर निर्माण कार्य में शासन ने जिन ग्रामीणों का जमीन अधिग्रहण किया है उसका मुआवजा राशि आज तक किसानों को नहीं मिल पाया है।जब किसानों को साल भर बाद भी मुआवजा राशि नहीं मिला तो किसानों ने सिंचाई विभाग बेलगहना,अनुविभागीय अधिकारी कोटा के समक्ष उपस्थित होकर उच्च अधिकारियों से मुआवजा राशि दिलाने की गुहार लगाते रहे।लेकिन उच्च अधिकारियों द्वारा हर बार आश्वासन मिलने के अलावा किसानों की कोई भी बात नहीं बनी।जमीन अधिग्रहण के लगभग दस वर्ष बीत जाने और जिम्मेदार अधिकारियों की बेपरवाही से चिंतित व परेशान किसानों ने जिला कलेक्टर बिलासपुर के समक्ष जनदर्शन के माध्यम से 28 मई 2018 को आवेदन कर मुआवजा राशि दिलाने की मांग की गई।फिर भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है।विगत ग्यारह साल से आवेदन पर आवेदन देने के बाद भी पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिलने के साथ ही प्रशासन के सुस्त रवैये को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश होना व्याप्त है।10 साल से कछुए की चाल में मुआवजा प्रक्रिया —- किसानों के जीवन निर्वाह का प्रमुख साधन जमीन है,जिसमें खेती बाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते है।नहर निर्माण में बेशकीमती जमीन के चले जाने से उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई।बेशकीमती जमीन के बदले मुआवजा राशि मिलने की उम्मीद में किसान अपने भविष्य के सुनहरे सपने बुन रहे थे।लेकिन वर्षो बाद भी मुआवजा नहीं मिलने से किसानों के सपने टुट गये है।जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा मिलने की आस में किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते लड़ते 10 वर्ष गुजार दिए लेकिन जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों द्वारा शासन से किसानों को मुआवजा राशि नहीं दिलाया जा सका।जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जल्द मुआवजा राशि दिलाने की बात कहकर केवल खानापूर्ति करते हुए किसानों को भटकाया जा रहा है।-यासीन खान सचिव जिला कोंग्रेस कमेटरैनकोटा जलाशय के प्रभावित कृषको से पता चला है कि उनके जमीन की मुआवजा राशि अभी तक अप्राप्त है । अधिकारियों से बात कर तत्काल निराकरण का प्रयास किया जाएगा ।मोती सिंह पैकरा सरपंच ग्राम पंचायत तेंदुभाठा– ग्राम पंचायत के किसानों का सिंचाई भाग द्वारा ग्यारह साल पहले नहर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया था।जिसका आज तक मुआवजा राशि नहीं मिला है।ग्रामीण हर ग्राम सभा में मुआवजा राशि दिलाने की मांग करते है।मुआवजा दिलाने संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाते थक चुके हैं।शिवलाल सिंह कंवर ग्रामिण–– रैन कोटा जलाशय में नहर निर्माण कार्य के लिए शासन द्वारा जमीन अधिग्रहण किया गया था जिसका मुआवजा राशिआज तक नहीं दिया गया है।मुआवजा नहीं मिलने से सभी पीड़ित ग्रामीण परेशान है।उच्च अधिकारियों से मुआवजा राशि दिलाने गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं।अनुविभागीय अधिकारी,सिंचाई विभाग और कलेक्टर जनदर्शन में मुआवजा दिलाने गुहार लगाई गई,लेकिन सभी जगह से केवल आश्वासन ही मिला।पी.एल.वर्मा सिंचाई विभाग बेलगहना सामाजिक निराकरण से पांच लाख राशि और मुआवजा फाइल फरवरी माह मे ही रतनपुर तहसील कार्यालय भेज दिया गया है।वहीं से फाइल रुका हुआ है।

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