पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम भेजा था भुवनेश्वर उड़ीसा क्या पूरा मामला जानने के लिए पढ़े आपकी आवाज

एनआईसीएल चिटफंड कंपनी के 3 डायरेक्टर सहित 6 को पुलिस ने किया गिरफ्तार आरोपियों के चल-अचल सम्पत्ति का ब्यौरा खंगाल रही पुलिस टीम
सीबीआई भुवनेश्वर से भी ली जा रही आरोपियों के चल-अचल सम्पत्ति की जानकारी

सूरजपुर: मामला गत् 18 फरवरी 2016 को ग्राम कोतका, थाना उदयपुर निवासी फुलमति पति रामशरण ने थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि करीब 2 वर्ष पूर्व एनआईसीएल कंपनी के अभिकर्ता एवं एजेंट के द्वारा 80 हजार रूपये जमा करने के नाम से लेकर बाउण्ड के दस्तावेज देकर 1 वर्ष बाद 92 हजार 8 सौ रूपये मिलने की जानकारी दी गई। समयावधि पूर्ण होने पर राशि एवं उसका ब्याज सहित वापस करने हेतु बोले जाने पर टाल-मटोल किया गया आवेदिका की रिपोर्ट पर थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 79/16 धारा 420, 120बी, 34 भादवि, ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6, छ.ग. निपेक्षकोेें के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत् मामला पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया।
दूसरा मामले में गत् 04/04/2017 को ग्राम सोहागपुर, चौकी करंजी निवासी अन्नूलाल राजवाड़े ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वर्ष 2014 में स्टेट बैंक के सामने स्थित एनआईसीएल कंपनी का शाखा प्रबंधक विनोद टाडेकर, अभिकर्ता व कंपनी के संचालक के द्वारा राशि दो गुना एवं प्रतिमाह ब्याज की राशि मिलने का झांसा देकर 8 लाख रूपये जमा कराकर आउण्ड के पेपर दिया गया, प्रार्थी को 15 माह तक ब्याज की राशि मिला। जुलाई 2015 में एनआईसीएल कंपनी का शाखा बंद कर राशि लेकर भाग जाने की रिपोर्ट पर थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 146/17 धारा 420, 120बी, 34 भादवि इनामी चिट फंड और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 की धारा 4,5,6 व छ.ग. के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत् मामला पंजीबद्व किया गया।
तीसरा मामले में गत् 28/02/16 को इंदिरा कालोनी भटगांव निवासी देवीचरण मलार ने थाना भटगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया कि ग्राम अनरोखा का संतोष पाटले एनआईसीएल चिटफंड कम्पनी का एजेंट बताकर पैसा दुगना करने का झांसा देकर 7080 रूपये लेकर धोखाधड़ी किया गया और कंपनी भी बंद हो गई है कि रिपोर्ट पर थाना भटगांव में अपराध क्रमांक 24/16 धारा 420, 34 भादवि, ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6 के तहत् मामला पंजीबद्व किया गया। चौथे मामले में इंदिरा कालोनी भटगांव निवासी रामानंद सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि एनआईसीएल कंपनी के एजेंट प्रसन्न राजवाड़े के द्वारा पैसा दुगना करने का झांसा देकर किस्त में 13275 रूपये लेकर धोखाधड़ी की गई रिपोर्ट पर थाना भटगांव में अपराध क्रमांक 23/16 धारा 420, 34 भादवि, ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6 के तहत् मामला पंजीबद्व किया गया।
भटगांव में पंजीबद्व दोनों मामलों में पुलिस ने प्रसन्न राजवाड़े व विजय कुमार राजवाड़े तथा संतोष पाटले एवं बदुला राम रजक को गिरफ्तार कर इनके विरूद्व पूर्व में अभियोग पत्र माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश किया गया था।
इन चारों मामलों की विवेचना के दौरान हितग्राहियों के द्वारा एनआईसीएल चिटफंड कंपनी में जमा राशि के दस्तावेज प्राप्त की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि एनआईसीएल कंपनी के डायरेक्टर क्रमशः अभिषेक सिंह चौहान, आशिष सिंह चौहान, प्रबल प्रताप सिंह यादव, निरंजन सक्सेना, हरीश शर्मा, लखन सोनी एवं फुलसिंह चौधरी को थाना बालोगीर जिला भुवनेश्वर उड़ीसा में धारा 420, 120बी, 34 भादवि, ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6 के मामले में गिरफ्तार किया गया था जो विशेष जेल भुवनेश्वर उड़ीसा में निरूद्व है।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा के मार्गदर्शन में थाना सूरजपुर की पुलिस ने माननीय न्यायालय सूरजपुर को इन जानकारियों से अवगत कराया जो माननीय न्यायालय के द्वारा इन आरोपियों का प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया। आरोपीगण लम्बे समय से जेल में निरूद्व थे और पूर्व में कई प्रोडेक्शन वारंट तामील कराने के बावजूद भी आरोपियों को संख्याधिक दूरी व सुरक्षागत् कारणों से नहीं भेजा जा रहा था जिस कारण इनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर कुकरेजा ने धोखाधड़ी व चिटफण्ड के मामले को गंभीरता से लेते हुए भुवनेश्वर उड़ीसा के जेल अधीक्षक सहित वहां के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए आईजी सरगुजा के.सी.अग्रवाल से पुलिस टीम को दिगर राज्य जाने की अनुमति प्राप्त कर थाना सूरजपुर की एक बड़ी पुलिस टीम बनाकर प्रोडक्शन वारंट सहित भुवनेश्वर उड़ीसा रवाना किया।
सूरजपुर की पुलिस टीम भुवनेश्वर उड़ीसा के माननीय स्पेशल सीजेएम सीबीआई कोर्ट पहुंची और प्रोडक्शन वारंट से माननीय न्यायालय को अवगत कराया जिस पर कोर्ट द्वारा उक्त आरोपियों को माननीय न्यायालय सूरजपुर में उपस्थित करने हेतु पुलिस टीम के साथ रवाना करने के निर्देश जेल अधीक्षक भुवनेश्वर उड़ीसा को दिए।
पुलिस अधीक्षक* के मार्गदर्शन में थाना सूरजपुर की पुलिस टीम ने परिश्रम व सूझबूझ के साथ भुवनेश्वर के जेल से आरोपी कालापीपल मण्डी, थाना कालापीपल, जिला शाजापुर मध्यप्रदेश निवासी अभिषेक सिंह चौहान पिता आनंद सिंह चौहान, आशिष सिंह चौहान पिता आनंद सिंह चौहान, हरीश शर्मा पिता अशोक शर्मा, लखन सोनी पिता जगदीश सोनी, सातभाई कोठी लश्कर, थाना माधोगंज, जिला ग्वालियर मध्यप्रदेश निवासी प्रबल प्रताप सिंह यादव पिता बंधन सिंह यादव एवं घंटी कालोनी नेहरूनगर भोपाल मध्यप्रदेश निवासी निरंजन सक्सेना पिता अशोक सक्सेना* को प्रोडक्शन वारंट में लेकर सूरजपुर पहुंची और माननीय न्यायालय सूरजपुर के समक्ष इन्हें पेश कर गिरफ्तारी की अनुमति लेकर इन आरोपियों की विधिवत् गिरफ्तार किया।

आरोपियों की चल-अचल सम्पत्ति का ब्यौरा खंगाल रही पुलिस
पुलिस इन आरोपियों की चल-अचल सम्पत्ति की जानकारी के संबंध में पूछताछ कर रही है। साथ ही सीबीआई भुवनेश्वर उड़ीसा से भी इनकी अचल सम्पत्ति की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के द्वारा दी गई लगातार मार्गदर्शन
धोखाधड़ी सहित चिटफण्ड कंपनी के विरूद्व लंबित मामले के निराकरण सहित आवश्यक कार्यवाही हेतु पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ के द्वारा भी लगातार ऐसे मामलों के जल्द निराकरण के मार्गदर्शन पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को दी जाती रही इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी एवं पुलिस उप महानिरीक्षक सीआईडी के मार्गदर्शन भी प्राप्त होते रहे। इन मामलों की पुलिस मुख्यालय स्तर पर समीक्षा भी जाती रही

5 जिलों में भी पंजीबद्व है मामले।
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार एनआईसीएल कंपनी के विरूद्व 5 जिलों रायपुर, बेमेतरा, कांकेर, बलौदाबाजार एवं बिलासपुर में भी अपराध पंजीबद्व है। इन जिलों के पुलिस अधीक्षकों इसके बारे में अवगत कराया गया है ताकि संबंधित थाना के पुलिस अधिकारी आकर माननीय न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर विधिवत् इनकी गिरफ्तारी कर ऐसे लंबित मामलों का निराकरण कर सके।
मामले में एक आरोपी फुलसिंह चौधरी पिता गंगाप्रसाद चौधरी निवासी तीन दौनिया रायगढ़ छत्तीसगढ़ को माननीय हाईकोर्ट उड़ीसा के द्वारा अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया था जो तारीख समाप्ति के बाद भी वापस नहीं आया जिस कारण इसका प्रोडक्शन वारंट प्राप्त नहीं हो सका। मामले में फरार फुलसिंह चौधरी की पतासाजी की जा रही है।

कार्यवाही में यह अधिकारी-कर्मचारी रहे सक्रिय।
इस कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, सीएसपी जे.पी.भारतेन्दु, थाना प्रभारी सूरजपुर धर्मानंद शुक्ला, थाना प्रभारी भटगांव किशोर केंवट, एसआई अजहरूद्धीन, हिम्मत सिंह शेखावत, एएसआई बृजेश यादव, प्रधान आरक्षक बिसुनदेव पैंकरा, संजय चौहान, आरक्षक रामकुमार नायक, भीमेश आर्मो, विनोद परीढ़ा, राधेश्याम साहू, शिवकुमार, सत्यम मिंज, आरक्षक चालक संदीप राजवाड़े एवं सक्रिय रहे।

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