हाय रे भुख की त्रासदी अपने और अपने परिवार की भुख मिटाने के लिए खेलने-कूदने पढ़ने के उम्र में ही कांधे पर जिम्मेदारियों का बोझ उठाने को मजबुर : सरकार के दावों की पोल खोलती ये तस्वीर

शेराज खान @ बगीचा । आपकी आवाज के बगीचा प्रतिनिधि शेराज खान के कैमरे से 04/12/2019 को सुबह 7:30 बजे जशपुर जिले के शिमला कहे जाने वाले गांव सन्ना के बस स्टैंड में ली गई है, जो राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा समाज की परिस्थितियों को बयां करती है । तस्वीर में दिखता ये कोरवा बालक सिर्फ 9 वर्ष का है, लेकिन हाय रे भुख की त्रासदी अपने और अपने परिवार की भुख मिटाने के लिए खेलने-कूदने पढ़ने के उम्र में ही कांधे पर जिम्मेदारियों का बोझ उठाने को मजबुर हो गया है। अब सवाल ये उठता है की सरकार जो विकास का दावा करती है की सुबे से भुखमरी खत्म हो चुकी है, लेकिन सिर्फ कागजों में ? क्योंकि जमीनी हकीकत सबके सामने है, अब देखना यह है कि कब सरकार के नुमाइंदे आएंगे और महामहिम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों का उद्धार करेंगे ।

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