निजी चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी फीस में वृद्धि, मरीजों के लिए बनी परेशानी का सबब

रायपुर। राजधानी सहित पूरे प्रदेश के बड़े चिकित्सा संस्थानों में इन दिनों सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ओपीडी फीस में लगातार वृद्धि के चलते आम मरीज परेशान है। चिकित्सा क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों नगर का एक वरिष्ठ चिकित्सक जो पहले जेएनएम मेडिकल कालेज रायपुर में डीन एवं मेडिसीन विभाग के प्रमुख हुआ करते थे। उनकी मरीज देखने की ओपीडी फीस प्रति मरीज एक हजार रुपये है वहीं शहर के बड़े चिकित्सा संस्थानों में मरीजों को देखने के लिए न्यूनतम 3 सौ रुपये एवं अधिकतम 9 सौ रुपये फीस प्रति मरीज ली जा रही है। पर्ची में दिए गए टेस्टों का चार्ज अलग से लिया जाता है। उसके बाद ही विभिन्न परीक्षण के परिणाम आने पर डॉक्टर महंगी से महंगी दवा लिखते हैं जिसके कारण प्रति मरीज अस्पताल में इलाज कराने का न्यूनतम खर्च वर्तमान समय में 5 -6 हजार रुपये हो गया है। चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों की फीस पर नियंत्रण नहीं होने के कारण शहर के डॉ. मनमानी पर उतर आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेश चंद्र मिश्रा एवं आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. चंद्रमणी तिवारी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से चिकित्सकों द्वारा मरीजों से ली जा रही भारी ओपीडी फीस नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट में तत्काल शामिल कर दोषी चिकित्सक के खिलाफ प्रेक्टिस पंजीयन रद्द कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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