अयोध्या मामले को पीछे छोड़ धूमधाम से मनी ईद मिलादुन्नबी भव्य जुलूस के साथ लहराता रहा तिरंगा व इस्लाम का धर्म ध्वज एकता का दिया संदेश, सर्व समाज ने किया जगह-जगह स्वागत

रायगढ़ । जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर तथा जिले के मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा विशाल जुलूस निकाला गया। इस जुलूस का शहर में जगह-जगह भव्य स्वागत भी किया गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या का फैसला किए जाने के बाद इस जूलूस का विशेष महत्व था। जुलूस के दौरान जहां शहरवासी और सर्व समाज के लोगों ने जगह-जगह इसका स्वागत कर सर्व धर्म समभाव का संदेश दिया तो वहीं मुस्लिम समुदाय के अनुयायी भी यह कहते रहे कि ईद मिलादुन्नबी का पर्व ही एकता व भाईचारे का संदेश देने वाला शांति का सौहाद्र का पर्व है।

कौमी एकता व भाईचारे के संदेश को लेकर निकाला गया यह जुलूस अपने आप में पूरे शहर को दोस्ती का पैगाम देते नजर आ रहा था चूंकि चांदनी चौक से निकला जश्ने ईद मिलादुन्नबी का यह जुलूस शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए गुजरा तो सभी समाज के लोगों ने मिलकर अपने मुस्लिम भाईयों के लिए मिठाई, पेयजल के साथ-साथ अन्य सामान स्वागत के लिए स्टालों के माध्यम से लगाकर रखे थे और उनके इस त्यौहार पर साथ देते हुए नजर आए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि हजारों की संया में शामिल मुस्लिम भाईयोंं के इस बड़े त्यौहार के अवसर पर सर्व समाज द्वारा पूरे मन से अपने मुस्लिम भाईयों का स्वागत करते हुए एकता का परिचय दिया और यह ाी संदेश दिया कि भारत प्रजातांत्रिक देश है और यहां एकता की जो मिशाल है वह शायद ही दुनिया में किसी और देश में देखने को मिले। स्टाल लगाने वाले लोगों में कांगे्रस और भाजपा के नेता भी शामिल थे। उन्होंने भी जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर अपने मुस्लिम भाईयों को बधाई देते हुए उनके जुलूस का स्वागत किया और मिठाईयां बांटी। वहीं मुस्लिम भाईयों ने भी बताया कि शहर में सभी धर्म के लोग उनके इस पर्व में शामिल होते हैं जो बेहद अछा लगता है। साथ ही साथ उनका यह भी कहना था कि ईद मिलादुन्नबी का यह पर्व पूरी मानव जाति को एकता व भाई चारे का संदेश देते हुए सभी को एकसाथ रहने का भी पैगाम देता है। विदित रहे कि ईद मिलादुन्नबी से पहले शहर के मधुबनपारा में एक रबिउल से बारह रबिउल तक तकरिर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बाहर से आए मौलाना ने नबि साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की तकरिर की और इस्लाम को सभी धर्म व वर्ग के समुदाय को साथ लेकर चलने वाला धर्म बताया।

खरसिया में नमाज के बाद निकला जुलूस फिर लगा लंगर
खरसिया ईद मिलादुन्नबी मुसलमानों के लिए खास इसलिए है कि माहे रबीउल अव्वल इस महीने में पैग़ंबरे इस्लाम का जन्म हुआ था और मुस्लिम समुदाय इस महीने को पैग़ंबरे इस्लाम के जन्म दिवस के रूप में बड़ी शिद्दत के साथ खुशी का इजहार कर ईद मिलादुन्नबी के रूप में मनाता है। हर साल की तरह इस साल भी पठानपारा में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया है।

पठान पारा से निकला यह जुलूस खरसीया के हनुमान चौक, पोस्ट ऑफिस रोड, स्टेशन रोड,सब्जी मार्केट रोड होते हुए वापस मस्जिद पहुँची जहाँ पर जामा मस्जिद खरसिया के इमाम तुफ़ैल रजा एवँ सदर जमील कुरैशी के द्वारा केक काटा गया इस अवसर पर सैकड़ो की संया में मुस्लिम जमात के लोग उपस्थित थे। मस्जिद में नमाज अदा किया गया ,समस्त सामाजिक बन्धुओ के लिए लंगर का आयोजन भी जमात के द्वारा किया गया था। इस अवसर पर बचों ,युवाओं, बुजुर्गों सहित महिलाओं ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। शांति एवँ सुरक्षा के मद्देनजर खरसिया एसडीओपी पीताबर पटेल एवँ थाना प्रभारी सुमत राम साहू अपने दल बल के साथ उपस्थित थे
घरघोड़ा में भी धूमधाम से मनी ईद मिलादुन्नबी
घरघोड़ा में भी ईद मिलादुन्नबी की जश्न की रैली बड़े धूम धाम से निकली गई। पूरे जुलूस के दौरान शांति व सौहाद्रपूर्ण वातावरण बना रहा। वहीं अयोध्या पर फैसला आने के बाद भी शनिवार को शहर में इसकी तैयारी पूरे उत्साह के साथ होती दिखी वही घरघोडा के जामा मस्जिद से लेकर अन्य मुस्लिम घरों में सजावट से लेकर आसपास झंडे लगाए गए। हालांकि, इस त्यौहार पर पर हर तरफ पुलिस नजर आ रही थी वही जामा मस्जिद के सदर शकील मोहमद ने बताया कि सभी जामा मस्जिद में एकत्र होकर रैली निकलेगें व नात पढ़ते हुए जय स्तभ चौक होते हुए बस स्टैंड के पास पहुँच वहां रात में तकरीर होगी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।

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